ज़ुबान ख़ामोश है लेकिन मेरी आँखों में लिखा है कि हाल-ए-दिल पढ़ा जाता है बतलाया नहीं जाता
शायरी गुलदस्ता · 152020-01-23ज़ुबान ख़ामोश है लेकिन मेरी आँखों में लिखा है कि हाल-ए-दिल पढ़ा जाता है बतलाया नहीं जाताShare on WhatsAppCopy Linkमूल ब्लॉग पोस्ट पढ़ें