शायरी गुलदस्ता · 15

ज़ुबान ख़ामोश है लेकिन मेरी आँखों में लिखा है कि हाल-ए-दिल पढ़ा जाता है बतलाया नहीं जाता
शायरी गुलदस्ता · 15 — भाग 1
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