मुस्कुराना तो मेरी शख़्सियत का एक हिस्सा है ऐ दोस्त तुम मुझे ख़ुश समझकर दुआओं में भूल मत जाना
शायरी गुलदस्ता · 172020-01-23मुस्कुराना तो मेरी शख़्सियत का एक हिस्सा है ऐ दोस्त तुम मुझे ख़ुश समझकर दुआओं में भूल मत जानाShare on WhatsAppCopy Linkमूल ब्लॉग पोस्ट पढ़ें