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काग़ज़ की ख़ामोशी

कुछ बातें आवाज़ नहीं माँगतीं। वे काग़ज़ पर उतरती हैं, ख़ामोशी में ठहरती हैं और किसी अनजान दिल तक पहुँच जाती हैं।

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जो कहा नहीं गया, वही लिखा गया

मोहब्बत, तन्हाई, वफ़ा और यादों के नाम यह जगह “Dil-Se-Dil-Tak” के पुराने ब्लॉग का नया साहित्यिक घर है।