किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ज़्यादा ख़ूबसूरत हो
शायरी गुलदस्ता · 252020-01-23किस लिए देखती हो आईना तुम तो ख़ुद से भी ज़्यादा ख़ूबसूरत होShare on WhatsAppCopy Linkमूल ब्लॉग पोस्ट पढ़ें