शायरी गुलदस्ता · 27

चले तो थे दोस्तों का काफ़िला लेकर पर कुछ जुदा हो गए और कुछ ख़ुदा हो गए कुछ गुमशुदा तो कुछ शादीशुदा हो गए
शायरी गुलदस्ता · 27 — भाग 1
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