शायरी गुलदस्ता · 23

बहुत ख़ुशक़िस्मत हैं वो लोग यक़ीन जानो जो माँगते भी नहीं, रोते भी नहीं और मोहब्बत पा लेते हैं
शायरी गुलदस्ता · 23 — भाग 1
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