औरों से तो उम्मीद का रिश्ता भी नहीं था तुम इतने बदल जाओगे सोचा भी नहीं था
शायरी गुलदस्ता · 132020-01-23औरों से तो उम्मीद का रिश्ता भी नहीं था तुम इतने बदल जाओगे सोचा भी नहीं थाShare on WhatsAppCopy Linkमूल ब्लॉग पोस्ट पढ़ें