मोहब्बत

बहुत चुपचाप जज़्बा है, दबे पाँव ही चलता है… मगर जो नक़्श इसके हैं, बहुत ही गहरे होते हैं… उन्हें कहना नहीं पड़ता…
मोहब्बत — भाग 1
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