डर मुझे भी लगा फ़ासला देखकर, पर मैं बढ़ता गया रास्ता देखकर। ख़ुद-ब-ख़ुद मेरे नज़दीक आती गई, मेरी मंज़िल मेरा हौसला देखकर…