शायद कोई तराश कर

शायद कोई तराश कर क़िस्मत सँवार दे… यही सोचकर मैं उम्र भर पत्थर बना रहा…
शायद कोई तराश कर — शायद कोई तराश कर क़िस्मत सँवार दे… यही सोचकर मैं उम्र भर पत्थर बना रहा…