सच है, इंसान की ख़्वाहिशों की

सच है, इंसान की ख़्वाहिशों की कोई हद नहीं… मेरी अनगिनत ख़्वाहिशें देखो वो, वो और बस वो…
सच है, इंसान की ख़्वाहिशों की — सच है, इंसान की ख़्वाहिशों की कोई हद नहीं… मेरी अनगिनत ख़्वाहिशें देखो वो, वो और